September 8, 2016

शकुंतला और जूलिएट

Skand Shukla शकुन्तला का अन्त तो बहुत पहले हो गया था , अब जूलियट भी लुप्तप्राय है। जिन्होंने तब शकुन्तला को मार डाला था , वे […]
September 8, 2016

मिस्तरी पर भी लिखा जा सकता है क्या ?

Himanshu Bajpai पुराने लखनऊ में सिटी स्टेशन के पास एक छोटी सी गुमटी है, जहां स्कूटर मोटरसाइकिल वगैरह ठीक होती है. ये गुमटी जिन मिस्तरी साहब […]
September 1, 2016

The Bewajah Post

So the idea came up during a discussion about why there should be a reason behind something. How eager we are to seek meaning behind actions […]
August 14, 2016

Your Place

Why should we understand that we’re just a small part of the universe and not very important? Because then only we realise that the problems of […]
September 8, 2015

अभी कुछ लोग उर्दू बोलते हैं

Himanshu Bajpai लखनऊ के बारे में एक बात बहुत मशहूर है. यहां आप किसी से रास्ता पूछिए, वो आपको साथ चल के मंज़िल तक पहुंचाएगा. इस […]