बेवजह blog

To experiment with words . . . to paint the canvas with audible colours.

September 8, 2015

अभी कुछ लोग उर्दू बोलते हैं

Himanshu Bajpai लखनऊ के बारे में एक बात बहुत मशहूर है. यहां आप किसी से रास्ता पूछिए, वो आपको साथ चल के मंज़िल तक पहुंचाएगा. इस […]
September 8, 2014

लखनऊ को आपकी ज़रुरत है मन्ने भाई |

प्रदीप कपूर साहब के स्टेटस से पता चला कि मुन्ने बख्शी नहीं रहे. तस्वीरों की नाज़ बरदारी में उम्र गुज़ारने वाले मुन्ने बख्शी खुद एक तस्वीर […]