February 27, 2017

Manjari, From Lucknow to London

Alisha Asif   “Love art in yourself, and not yourself in art.” – Konstantin Stanislavski   I remember having had a terrible day a few months […]
February 16, 2017

मैं हिजड़ा … मैं लक्ष्मी!

Surbhi Karwa   ‘मैं हिजड़ा… मैं लक्ष्मी!’ ये किताब हाथ में लेकर चलने से पहले, मुझे लोगों की अनचाही नज़रों का शिकार होने की चिंता होती […]
February 10, 2017

The Boy Who Unlearned

Divyanshu   In school, I learned that real fun comes out of being irresponsible. Those were the early days, when the idea of taking a chance […]
February 9, 2017

निदा फ़ाज़ली साहब को याद करते हुए

महेंद्र कुमार ‘सानी‘   निदा फ़ाज़ली साहब को याद करते हुए, एक लेख जो आज ही के दिन पिछले साल(2016) उनकी वफ़ात पर मुझ से सुधांशु […]
February 8, 2017

6 दिसम्बर बिकता है

Surbhi Karwa 2016 नवम्बर में अयोध्या आना हुआ. राम और उनके राज्य के ‘दर्शन’ से ज्यादा मेरी दिलचस्पी उस विवादास्पद ज़मीन की और उसकी वर्तमान स्थिति के […]